नई दिल्ली में शुक्रवार को विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्यसभा सचिवालय में प्रस्ताव नोटिस सौंपा। 73 राज्यसभा सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित इस नोटिस में ज्ञानेश कुमार पर सत्तारूढ़ दल के साथ निकटता, पक्षपातपूर्ण व्यवहार और मतदाता सूची में गड़बड़ी सहित नौ गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे राजनीतिक विवाद गहरा गया है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर विपक्ष का बड़ा हमला
नई दिल्ली में विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार को राज्यसभा के 73 सदस्यों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने का नोटिस राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक रूप से सौंपा है।
ज्ञानेश कुमार पर नौ गंभीर आरोप
विपक्ष द्वारा सौंपे गए इस नोटिस में नौ मुख्य बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई है। इन आरोपों में प्रमुख रूप से सत्तारूढ़ दल के साथ निकटता और आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में पक्षपाती रवैया अपनाना शामिल है। विपक्ष का तर्क है कि निर्वाचन आयोग की तटस्थता प्रभावित हुई है।
मतदाता सूची और पश्चिम बंगाल का मुद्दा
विपक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताओं का दावा किया है। नोटिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल में लगभग 90 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए, जिससे बड़ी संख्या में नागरिक अपने मताधिकार से वंचित हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, आयोग के अधिकारियों पर विशिष्ट शिकायतों पर जानबूझकर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया गया है।
अन्य प्रमुख चिंताएं
विपक्ष ने निर्वाचन आयोग पर और भी कई गंभीर सवाल उठाए हैं:
- निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल का उपयोग कर एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल की सार्वजनिक रूप से निंदा करना।
- केरल में आयोग के एक आधिकारिक दस्तावेज पर भाजपा की मुहर होने का मुद्दा।
- विधानसभा चुनावों के दौरान नौकरशाहों के स्थानांतरण और तैनाती की शक्तियों का कथित अवैध दुरुपयोग।
