लखनऊ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे मशहूर जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को उनसे अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की है।
“आपका जीवन पूरे विश्व के लिए अनमोल”
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा:
“श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वह अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है, क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी लोकतंत्र के लिए।”
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
सपा प्रमुख ने इस दौरान केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस सरकार को जगाने के लिए सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हैं, उससे किसी भी तरह की संवेदनशीलता की उम्मीद करना पूरी तरह व्यर्थ है। उन्होंने आगे कहा कि सत्याग्रह और उसके महत्व को केवल वही समझ सकते हैं जिनके मन में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सच्ची आस्था हो। वांगचुक का मनोबल देश के युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
17 दिनों में 8 किलो से ज्यादा घटा वजन, सेहत नाजुक
जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन के 24वें दिन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 17वें दिन आंदोलनकारियों की ओर से उनकी सेहत को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं:
- वजन में गिरावट: अनशन के कारण सोनम वांगचुक का वजन अब तक 8.2 किलोग्राम घट चुका है।
- ब्लड प्रेशर (BP): उनका रक्तचाप गिरकर 107/70 mmHg तक पहुंच गया है।
- ब्लड शुगर: उनके शरीर में शुगर का स्तर भी घटकर 67 mg/dL रह गया है, जो काफी खतरनाक है।
