रांची: झारखंड में आगामी रणनीतियों और सांगठनिक मजबूती को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तरह से कमर कस ली है। शनिवार को रांची में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं को ‘मिशन मोड’ में जुटने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर पंचायत से लेकर संसद तक संगठन को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ काम करें।
‘झारखंड मेरी जन्मभूमि, यहां आना घर आने जैसा’
नितिन नबीन ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि झारखंड उनकी जन्मभूमि है और उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण समय रांची में बीता है। उन्होंने रांची को अपना दूसरा घर बताते हुए इस धरती से अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ संगठन को और आगे बढ़ाएं।
केंद्र की योजनाओं और जनजातीय गौरव का जिक्र
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जनहित योजनाओं और उनके लाभों को झारखंड के हर गांव और घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी। इसके साथ ही, उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज के योगदान और उनके गौरव को सम्मानित करने के लिए 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।
विपक्ष पर तीखा हमला: संविधान, SIR और घुसपैठ का मुद्दा
बैठक के दौरान नितिन नबीन ने विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर बेवजह सवाल उठाते हैं।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने से क्यों कतरा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को नागरिकों के मताधिकार से ज्यादा घुसपैठियों के संरक्षण की चिंता सता रही है।
भर्ती घोटाले और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का आह्वान
युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को भर्ती घोटालों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लगातार उठाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार की कथित विफलताओं, विधि-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर जनता के बीच आक्रामक तरीके से जाने की अपील की।
