रांची: राजधानी रांची में पुलिस अब मारपीट जैसे मामलों को भी गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में हुई मारपीट की घटना की जांच के लिए रांची पुलिस की एक टीम गुरुवार सुबह ईडी ऑफिस पहुंची। सुरक्षा के मद्देनज़र सीआईएसएफ को भी तैनात किया गया, वहीं हटिया डीएसपी और एफएसएल की टीम भी मौके पर मौजूद रही। यह मामला रांची के एयरपोर्ट थाना में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।
जांच में जुटी रांची पुलिस
ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान मारपीट के आरोपों को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद रांची पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एयरपोर्ट थाना पुलिस गुरुवार को ईडी दफ्तर पहुंची और पूरे मामले की छानबीन शुरू की। ईडी कार्यालय के भीतर एक दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान जांच में लगे हुए हैं।
सदर डीएसपी, कई इंस्पेक्टर और एयरपोर्ट थाना प्रभारी ईडी ऑफिस के अंदर मौजूद हैं। पुलिस कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। गुरुवार सुबह सदर डीएसपी, एयरपोर्ट थाना प्रभारी और एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने ईडी कार्यालय पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज जब्त किए और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की। दस्तावेजों, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की भी गहन जांच की जा रही है।
एफआईआर दर्ज
अपर चुटिया निवासी संतोष कुमार ने एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में दो अधिकारियों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में एयरपोर्ट थाना कांड संख्या 05/2026 के तहत धारा 115(2), 117(2), 127(2), 109(2), 351(2), 352, 238 और 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला
शिकायत के अनुसार, संतोष कुमार (47), पिता स्वर्गीय मिथिलेश प्रसाद, निवासी जग्गी कंपाउंड, साईं मंदिर कॉलोनी के पास, अपर चुटिया, रांची को 12 जनवरी को सुबह 10 बजे ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का फोन आया था। वे सुबह 9:45 बजे कार्यालय पहुंचे। दोपहर करीब 1:35 बजे एक ईडी अधिकारी ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया, जहां एक अन्य अधिकारी पहले से मौजूद थे।
आरोप है कि पूछताछ के दौरान उन पर आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। इनकार करने पर दोनों अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की, गालियां दीं और डंडे से पीटा। उन्होंने धमकी दी कि यदि उनकी मौत भी हो जाए तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मारपीट में संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे दोनों अधिकारी उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले गए, जहां डॉक्टर को चोटों की जानकारी न देने की धमकी दी गई और परिवार को जेल भेजने की बात कही गई। आरोप है कि शाम 4 बजे तक उन्हें अस्पताल में रखा गया, लेकिन उनके परिजनों को इसकी सूचना नहीं दी गई। बाद में उन्हें फिर से ईडी कार्यालय ले जाया गया और सबूत मिटाने के उद्देश्य से खून से सनी उनकी टी-शर्ट बदलवा दी गई।
