रांची: क्रिप्टो निवेश पर शिकंजा, FIU-IND ने लागू किए कड़े नियम
भारत में बिटकॉइन, एथेरियम और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों के लिए अब नियम पहले से अधिक सख्त कर दिए गए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर नियंत्रण के उद्देश्य से सरकार और वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) ने क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़े पांच अहम नियम लागू किए हैं। नए प्रावधानों के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर यूजर का अकाउंट फ्रीज होने तक की कार्रवाई हो सकती है।
FIU-IND के निर्देशों का महत्व
FIU-IND ने देश के सभी भारतीय और भारत में पंजीकृत विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों को कड़े अनुपालन निर्देश जारी किए हैं। WazirX, CoinDCX और CoinSwitch जैसे प्लेटफॉर्म्स को अब हर यूजर की पहचान, लेनदेन और फंड्स से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। सरकार का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी का दुरुपयोग देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
लॉगिन के दौरान होगी लोकेशन वेरिफिकेशन
नए नियमों के अनुसार, क्रिप्टो ऐप में लॉगिन करते समय यूजर को अपनी लाइव लोकेशन साझा करनी होगी। यदि लोकेशन एक्सेस नहीं दिया जाता है या IP एड्रेस भारत से बाहर का पाया जाता है, तो एक्सचेंज अकाउंट को अस्थायी या स्थायी रूप से फ्रीज कर सकता है।
अब KYC में लाइवनेस चेक जरूरी
अब केवल आधार या पैन कार्ड अपलोड करना पर्याप्त नहीं होगा। KYC प्रक्रिया को और मजबूत करते हुए लाइव सेल्फी और कुछ मामलों में वीडियो वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है। इससे फर्जी और बेनामी खातों पर प्रभावी रोक लगेगी।
VPN इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई
नए नियमों के तहत VPN का उपयोग करने वाले यूजर्स के ट्रांजैक्शन तुरंत रोके जा सकते हैं। एक्सचेंजों को निर्देश दिए गए हैं कि VPN डिटेक्ट होते ही ट्रेडिंग बंद कर दी जाए, ताकि यूजर की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाई न जा सके।
बड़े ट्रांजैक्शन पर फंड्स की जांच
यदि कोई निवेशक 50 हजार रुपये या उससे अधिक की राशि से ट्रेड करता है, तो उसे फंड्स के स्रोत की जानकारी देनी होगी। इसके लिए बैंक स्टेटमेंट या आय से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। साथ ही, किसी अन्य वॉलेट में क्रिप्टो ट्रांसफर करते समय रिसीवर की पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
इन नए नियमों के लागू होने के बाद स्पष्ट है कि भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग अब पूरी तरह सख्त निगरानी और नियमों के दायरे में आ गई है।
