रांची-सारंडा में नक्सल ऑपरेशन तेज, झारखंड में अब गिने-चुने नक्सली बचे

रांची में झारखंड पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त अभियान तेज कर दिया गया है, खासकर पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में। 20 अप्रैल 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, लगातार मुठभेड़ों और आईईडी ब्लास्ट के बीच सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है, जबकि राज्य में नक्सलियों की संख्या अब बेहद कम बताई जा रही है।

सारंडा जंगल में नक्सल विरोधी अभियान तेज

झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने के लिए झारखंड पुलिस बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। विशेष रूप से पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों की कार्रवाई केंद्रित है, जहां अब भी कुछ नक्सलियों की मौजूदगी बताई जा रही है।

सुरक्षा बलों का लक्ष्य जल्द से जल्द सारंडा क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त करना है, ताकि पूरे झारखंड से नक्सल प्रभाव समाप्त किया जा सके।

लगातार मुठभेड़ और आईईडी ब्लास्ट

पिछले एक सप्ताह में सारंडा क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच लगातार मुठभेड़ और आईईडी ब्लास्ट की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में पांच जवान घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है।

लगातार हो रहे आईईडी विस्फोटों के बावजूद सुरक्षा बलों का अभियान जारी है और जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

शीर्ष नक्सली नेताओं की मौजूदगी

आईजी सीआरपीएफ साकेत कुमार सिंह के अनुसार, झारखंड में अब कुल 57 से 58 नक्सली ही बचे हैं। चाईबासा क्षेत्र को छोड़कर अन्य इलाकों में केवल 7 से 8 नक्सली सक्रिय बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, कोल्हान क्षेत्र में प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के कुछ शीर्ष नेता अब भी सक्रिय हैं, जिनमें एक करोड़ रुपये के इनामी मिसिर बेसरा, असीम मंडल, मोछु सहित अन्य नाम शामिल हैं।

सारंडा में सुरक्षा बलों की घेराबंदी

सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर फोर्स तैनात कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों की घेराबंदी कर ली गई है और उन्हें कई दिशाओं से दबाव में रखा जा रहा है।

आईजी सीआरपीएफ ने कहा है कि सारंडा की जंग किसी भी समय समाप्त हो सकती है और सुरक्षा बल जीत की स्थिति में पहुंच चुके हैं।

आईईडी बना बड़ी चुनौती

सारंडा क्षेत्र में बिछाए गए आईईडी सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। घेराबंदी से बौखलाए नक्सली पहले से लगाए गए आईईडी का उपयोग कर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

नक्सल नेटवर्क पर बढ़ता दबाव

अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत और रापा मुंडा जैसे नक्सली नेता अपने दस्तों के साथ सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस कार्रवाई के चलते उनका नेटवर्क लगातार कमजोर हो रहा है।

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