नई दिल्ली में 18 अप्रैल 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर आवाजाही पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम अमेरिका द्वारा नाकेबंदी जारी रखने के बयान के बाद उठाया गया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर बढ़ा तनाव
ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर आवाजाही पर फिर से रोक लगा दी है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका ने कहा था कि उसकी नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कोई समझौता नहीं होता।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी लागू रहेगी, तब तक इस जलमार्ग से आवाजाही बाधित रहेगी।
ईरान की सैन्य कमान का बयान
ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण फिर से पहले जैसी स्थिति में लौट आया है।
सैन्य कमान ने चेतावनी दी कि स्थिति में बदलाव तभी संभव है जब अमेरिकी प्रतिबंध समाप्त किए जाएं।
अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान के बाद यह स्थिति और गंभीर हो गई। उन्होंने कहा था कि जब तक ईरान परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करता, तब तक नाकेबंदी जारी रहेगी।
इसके जवाब में ईरानी पक्ष ने अमेरिका पर समझौता उल्लंघन और गलत बयानबाजी के आरोप लगाए हैं।
ईरान का तीखा पलटवार
ईरान की संसद के स्पीकर ने अमेरिका के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि एक घंटे में कई गलत दावे किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण सोशल मीडिया के जरिए तय नहीं होता, बल्कि वास्तविक स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
रणनीतिक महत्व और वैश्विक असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजारों को प्रभावित कर सकती है।
ईरानी दूतावास का बयान
दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने भी बयान जारी कर कहा कि इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति सोशल मीडिया के जरिए तय नहीं की जाती।
