आम आदमी पार्टी (AAP) के संस्थापक सदस्य और राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने आज पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्डा ने आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में विलय करेंगे।
दिल्ली की सियासत में बड़ा उलटफेर
देश की राजधानी दिल्ली की राजनीति में आज एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य और राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने पार्टी से अलग होने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। चड्डा ने स्पष्ट किया कि वे अब जनता के बीच जाकर काम करेंगे।
पार्टी के असल मूल्यों से भटकने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्डा ने कहा कि वह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और उन्होंने इसे ईमानदारी से खड़ा करने में भूमिका निभाई थी। हालांकि, उन्होंने भारी दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मिटाने के संकल्प के साथ शुरू हुई आम आदमी पार्टी अब अपने असल मूल्यों से पूरी तरह भटक चुकी है। चड्डा का आरोप है कि पार्टी अब देश के हित के बजाय अपने निजी फायदे के लिए कार्य कर रही है।
राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसदों का विलय
राघव चड्डा ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके साथ राज्यसभा के दो-तिहाई सांसद हैं, जिन्होंने इस निर्णय पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने बताया कि इस समूह में हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल जैसे नाम शामिल हैं।
चड्डा ने स्पष्ट किया, “हमने निर्णय लिया है कि हम, राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए खुद को बीजेपी में विलय कर देंगे।” फिलहाल, आम आदमी पार्टी के पास राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से 7 पंजाब से और 3 दिल्ली से हैं। भारत मंथन लाइव न्यूज़ इस घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है।
