पटना (बिहार): बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मंगलवार को बिहार विधान परिषद (Legislative Council) की खाली हो रही नौ सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और एक उपचुनाव के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस एलान के साथ ही राज्य का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी गोटियां सेट करनी शुरू कर दी हैं।
1 जून से नामांकन और 18 जून को होगा मतदान चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, विधानसभा कोटे की इन सीटों पर चुनावी प्रक्रिया जून के पहले हफ्ते से शुरू हो जाएगी। चुनाव का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:
- नामांकन की शुरुआत: 1 जून, 2026 से
- मतदान की तारीख: 18 जून, 2026
- वोटों की गिनती और परिणाम: 18 जून की शाम (मतदान संपन्न होने के बाद)
सम्राट चौधरी समेत इन दिग्गज नेताओं का खत्म हो रहा कार्यकाल बिहार विधान परिषद की जिन 9 सीटों पर चुनाव होना है, वे सदस्य अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। इन दिग्गजों में सूबे के कई बड़े चेहरे शामिल हैं। कार्यकाल पूरा करने वाले माननीय सदस्यों की सूची इस प्रकार है:
- सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री, बिहार)
- समीर कुमार सिंह
- सुनील कुमार सिंह
- प्रो. गुलाम गौस
- मो. फारुख
- डॉ. कुमुद वर्मा
- भीष्म साहनी
- श्रीभगवान सिंह कुशवाहा
- संजय प्रकाश
बदलेंगे सियासी समीकरण, दलों के भीतर लॉबिंग तेज विधानसभा कोटे से होने वाले इस चुनाव को लेकर महागठबंधन और एनडीए (NDA) दोनों ही खेमों में हलचल तेज हो गई है। चूंकि इन सीटों का फैसला विधायकों के मतों के आधार पर होना है, इसलिए पार्टियां अपनी मौजूदा संख्या बल के हिसाब से सीटें जीतने की रणनीति बना रही हैं। इस चुनाव के जरिए बिहार की राजनीति में कई नए समीकरण बनते और बिगड़ते नजर आएंगे। टिकट के दावेदारों ने भी अपने-अपने शीर्ष नेतृत्व के पास पैरवी और लॉबिंग शुरू कर दी है।
