बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), भागलपुर में आयोजित 9वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान, तकनीक और जलवायु परिवर्तन पर जोर देते हुए राज्यपाल ने विकसित भारत के निर्माण में कृषि को आधार स्तंभ बताया। कुल 443 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
कृषि अनुसंधान से विकसित भारत की राह: राज्यपाल
भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति सह राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का निर्माण कृषि के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि केवल देश के लिए ही नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के लिए एक अनिवार्य विषय है।
राज्यपाल ने भारत के विकास की तुलना चीन के आधुनिकीकरण मॉडल से करते हुए कहा कि हमें तकनीक, जलवायु परिवर्तन और कृषि अनुसंधान पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित “मखाना उत्कृष्टता केंद्र” (Centre of Excellence for Makhana) की सराहना करते हुए इसे समय की मांग बताया।
443 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां
दीक्षांत समारोह के दौरान कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कुल 443 छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं। इसमें 13 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री से नवाजा गया, जबकि 6 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।
छात्रों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा, कृषि ज्ञान और ग्रीन कैंपस पर आधारित एक एआई-फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
समारोह में दिग्गजों की उपस्थिति
इस गरिमामयी आयोजन में राज्यपाल के प्रधान सचिव गोपाल मीणा, बिहार सरकार के विशेष सचिव शैलेन्द्र कुमार, पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेकानंद सिंह, BAU के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह और कुलसचिव डॉ. मिजानुल हक सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। समारोह में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों, अभिभावकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
