रांची: झारखंड की राजधानी रांची के प्रतिष्ठित डोरंडा कॉलेज में सोमवार (18 मई 2026) को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलेज में लागू किए गए ‘क्लस्टर सिस्टम’ के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परिसर में एकजुट हुए और राज्य सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज परिसर में ही धरना दे दिया, जिससे कुछ समय के लिए वहां की स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।
पढ़ाई और परीक्षा व्यवस्था पर असर, छात्र नाराज
प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं और छात्र-छात्राओं का आरोप है कि बिना सोचे-समझे लागू किए गए क्लस्टर सिस्टम के कारण उन्हें गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि:
- इस नई व्यवस्था की वजह से नियमित पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
- परीक्षा प्रक्रिया में भी कई तरह की तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें आ रही हैं, जिससे छात्रों का भविष्य अधर में है।
- यह फैसला पूरी तरह से छात्र विरोधी है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
“क्लस्टर सिस्टम वापस लो” के नारों से गूंजा परिसर
धरना प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर “क्लस्टर सिस्टम वापस लो” और “छात्र विरोधी फैसला बंद करो” जैसे गगनभेदी नारे लगाए। हंगामे की सूचना मिलते ही कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया।
उग्र आंदोलन की चेतावनी: > छात्रों ने साफ शब्दों में कॉलेज प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी है कि यह सिर्फ एक शुरुआत है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार ने इस क्लस्टर सिस्टम को अविलंब वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे रांची में और अधिक उग्र व व्यापक रूप दिया जाएगा।
