मोतिहारी (बिहार): देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET-2’ में कथित पेपर लीक के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर धांधली के खिलाफ सोमवार (18 मई 2026) को बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में छात्रों और युवाओं का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। ‘बिहार यूथ ऑर्गेनाइजेशन’ के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक विशाल शांतिपूर्ण आक्रोश मार्च निकाला।
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे सरकार
प्रदर्शन में शामिल नाराज छात्रों और युवा नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली की वजह से लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अंधकार में डूबता जा रहा है। छात्रों का कहना था कि:
- वर्षों की कड़ी मेहनत, रात-दिन की तैयारी और भारी-भरकम फीस भरने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।
- NEET जैसी प्रतिष्ठित और अति-महत्वपूर्ण परीक्षा में बार-बार ऐसी बड़ी गड़बड़ियां सामने आना देश की पूरी शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
आक्रोश मार्च का नेतृत्व कर रहे बिहार यूथ ऑर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष अरमान ख़ान ने इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कड़े शब्दों में सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं।
“NEET-2 पेपर लीक मामले की तत्काल निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि इस पूरे सिंडिकेट और दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई हो सके। इसके साथ ही, देश के शिक्षा मंत्री को इस भारी विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।” — अरमान ख़ान, जिला अध्यक्ष (बिहार यूथ ऑर्गेनाइजेशन)
युवाओं ने चेतावनी दी है कि परीक्षा प्रणाली को जब तक पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बनाया जाता, तब तक छात्रों के अधिकारों की यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।
