पाकुड़ में तालिबानी फरमान: शादी में व्यस्त होने के कारण अंतिम संस्कार में नहीं गया परिवार, पंचायत ने लगाया ‘बिटलाहा’ और 2 लाख का जुर्माना

पाकुड़: झारखंड के पाकुड़ जिले से सामाजिक बहिष्कार (बिटलाहा) का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मालपहाड़ी ओपी थाना क्षेत्र के सुन्दरापहाड़ी गांव में एक पंचायत ने क्रूर फैसला सुनाते हुए एक पीड़ित आदिवासी परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया है। सिर्फ इतना ही नहीं, परिवार पर ₹2 लाख का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोका गया है। डर के साए में जी रहे पीड़ित परिवार ने अब जिला प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित चुड़का टुडू के मुताबिक, बीती 12 मई को उनके बेटे सूरज टुडू की शादी थी, जिसकी वजह से पूरा परिवार मांगलिक कार्यों और मेहमानों की खातिरदारी में व्यस्त था। इसी बीच 13 मई को गांव में किसी अन्य व्यक्ति का निधन हो गया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार का कहना है कि शादी के शोर-शराबे और व्यस्तता के चलते उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी नहीं मिल सकी, जिसके कारण वे अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए।

300 लोगों की बैठक में सुनाया ‘फरमान’

आरोप है कि इस बात को लेकर ग्राम प्रधान सकल टुडू ने ग्रामीणों को भड़काया। इसके बाद 16 और 17 मई को गांव में करीब 300 लोगों की एक महापंचायत बुलाई गई। इस बैठक में चुड़का टुडू से जुड़े 15 परिवारों के सामाजिक बहिष्कार (बिटलाहा) का तुगलकी फरमान जारी कर दिया गया।

पंचायत की पाबंदियां: > * पीड़ित परिवार गांव के सार्वजनिक कुएं से पानी नहीं भर सकता।

  • राशन या रोजमर्रा के सामान के लिए गांव की दुकानों पर जाने की मनाही।
  • कोई भी ग्रामीण इस परिवार से किसी भी तरह का संवाद या संबंध नहीं रखेगा।
  • परिवार के सदस्यों को गांव में मजदूरी या किसी भी तरह का रोजगार करने से रोक दिया गया है।

जमीन छीनने और जान से मारने की धमकी

पीड़ित परिवार ने उपायुक्त (DC) मेघा भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक (SP) अनुदीप सिंह को सौंपे आवेदन में बताया कि उन पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया गया है। फरमान में कहा गया है कि यदि जुर्माना नहीं भरा, तो उनकी 40 बीघा कृषि भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, पुलिस या प्रशासन के पास जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस बैठक में गांव के कुछ अन्य लोगों (सोमाई टुडू, शिवनाथ टुडू, मिस्त्री टुडू और छोटू मुर्मू) पर भी 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

पुलिस प्रशासन हुआ रेस, जांच के लिए टीम गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पाकुड़ एसडीपीओ (SDPO) दयानंद आजाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें मुफ्सिल थाना प्रभारी को भी शामिल किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *