रांची: झारखंड के छात्र और युवा संगठनों ने कल यानी 29 मई को पूरे राज्य में ‘चक्का जाम’ करने का बड़ा ऐलान किया है। उच्च शिक्षा और परीक्षाओं में हो रही कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस राज्यव्यापी आंदोलन का व्यापक असर राजधानी रांची समेत सूबे के कई बड़े जिलों में देखने को मिल सकता है।
किन मुद्दों पर आर-पार के मूड में हैं छात्र?
छात्र संगठनों की ओर से बुलाए गए इस चक्का जाम के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगें और विरोध शामिल हैं:
- क्लस्टर सिस्टम का विरोध: कॉलेजों में लागू किए जा रहे नए क्लस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी है।
- पेपर लीक मामला: हाल ही में हुए नेट (NET) परीक्षा पेपर लीक मामले के खिलाफ छात्र सड़क पर उतर रहे हैं।
- जांच पर सवाल: सीबीआई (CBI) द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और लचर रवैये के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा।
‘आइसा’ कर रहा नेतृत्व, कई संगठनों का मिला साथ
मिली जानकारी के मुताबिक, इस बड़े आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से वामपंथी छात्र संगठन आइसा (AISA) कर रहा है। इसके अलावा इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) समेत राज्य के कई अन्य छात्र और सामाजिक संगठनों ने भी इस चक्का जाम को अपना समर्थन दिया है।
रांची में सुबह 11 बजे से ठप होगा चक्का: राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर सुबह 11 बजे से छात्र जुटना शुरू होंगे, जहां मुख्य रूप से सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इन जिलों में दिखेगा आंदोलन का सबसे ज्यादा असर
आयोजकों के अनुसार, 29 मई को सुबह से ही राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और प्रमुख सड़कों को जाम करने की तैयारी है। इस आंदोलन का सीधा असर इन जिलों में देखने को मिल सकता है:
- रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर
- गिरिडीह, रामगढ़, हजारीबाग और चतरा
- पलामू, गढ़वा, लातेहार, जामताड़ा और देवघर
छात्र नेताओं का साफ कहना है कि यह आंदोलन झारखंड की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और युवाओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए है। प्रशासन भी इस इनपुट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट मोड पर आ गया है।
