बाढ़/बिहार: बिहार की ‘काशी’ कहे जाने वाले बाढ़ के उमानाथ गंगा घाट से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे गंगा स्नान के दौरान तीन लड़कियां गहरे पानी में जाने के कारण डूबने लगीं। घाट पर मौजूद लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो लड़कियों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 18 वर्षीय एक युवती तेज धार में बह गई। दिलदहला देने वाली बात यह है कि यह हादसा उस समय हुआ जब घाट पर प्रशासन और रेस्क्यू टीमें पहले से ही मौजूद थीं।
महाजाल के बीच हुआ हादसा, प्रशासन की मौजूदगी में डूबी युवती
गौरतलब है कि ठीक एक दिन पहले, गुरुवार (28 मई) को इसी घाट पर एक नाव पलटने से 7 लोग डूब गए थे, जिनमें से 5 के शव बरामद हो चुके हैं और 2 अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश में एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय पुलिस और अंचलाधिकारी (CO) घाट पर ही मौजूद थे। इसी रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच प्रशासन की आंखों के सामने यह दूसरा बड़ा हादसा हो गया।
दादा के श्राद्ध के बाद शुद्धिकरण के लिए आया था परिवार
थानाध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि डूबने वाली लड़की की पहचान रहुईं थाना क्षेत्र की रहने वाली काजल कुमारी (18 वर्ष) के रूप में हुई है।
रोती-बिलखती मां ने बताया: काजल के दादा का निधन हो गया था। श्राद्ध कर्म की समाप्ति के बाद पूरा परिवार शुद्धिकरण के लिए उमानाथ घाट पर गंगा स्नान करने आया था।
काजल के पिता सीताराम चौधरी के मुताबिक, परिवार के करीब 20 से 25 लोग एक साथ घाट पर आए थे। सभी लोग बारी-बारी से स्नान कर रहे थे, इसी दौरान तीन लड़कियां एक साथ पानी में उतरीं और अचानक गहरे पानी में समाने लगीं। दो को तो बचा लिया गया, लेकिन काजल लापता हो गई।
घाट पर पसरा मातम, सर्च ऑपरेशन जारी
श्राद्ध की शांति के बाद आए परिवार में इस हादसे के बाद कोहराम मच गया है। घाट पर मौजूद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अब नाव हादसे के पीड़ितों के साथ-साथ काजल की तलाश में भी जुट गई हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश है।
