जमशेदपुर: जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। स्टेशन के वाशिंग लाइन में वंदे भारत ट्रेन की मरम्मत (मैंटेनेंस) के दौरान एक तकनीशियन हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे तकनीशियन ने इलाज के दौरान टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद से रेलवे कर्मचारियों और मृतक के परिजनों में गहरा आक्रोश और शोक है।
मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
मृतक तकनीशियन की पहचान आशीष मांझी के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, आशीष वाशिंग लाइन में वंदे भारत ट्रेन की मरम्मत के काम में जुटे थे, इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन ओवरहेड तार की चपेट में आ गए। करंट लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद आरपीएफ (RPF) के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद शनिवार देर शाम उन्होंने दम तोड़ दिया।
टाटानगर स्टेशन पर एक महीने में तीसरा बड़ा हादसा
टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में हाईटेंशन तार की चपेट में आने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले दो महीनों के भीतर इस तरह की यह तीसरी बड़ी घटना है:
- 6 मई: प्लेटफॉर्म पर खड़ी मालगाड़ी पर चढ़ने के दौरान एक व्यक्ति करंट की चपेट में आया, जिसकी बाद में मौत हो गई।
- 20 मई: एक अन्य व्यक्ति भी इसी तरह मालगाड़ी पर चढ़ते वक्त हाईटेंशन तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ा।
- 7 जून (वर्तमान घटना): ड्यूटी पर तैनात रेलवे तकनीशियन की करंट लगने से मौत।
रेलवे प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
एक के बाद एक हो रहे इन हादसों ने रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा मानकों और सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषकर वाशिंग लाइन जैसी संवेदनशील जगहों पर, जहाँ तकनीकी कर्मचारी चौबीसों घंटे काम करते हैं, वहाँ बिजली आपूर्ति बंद (पावर ब्लॉक) करने के नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया, इसे लेकर अब जांच की मांग उठ रही है।
