रांची: झारखंड के पेयजल विभाग में हुए कथित 23 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। मामले के मुख्य आरोपी संतोष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर मारपीट, धमकी देने और अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने का गंभीर आरोप लगाया है। इस शिकायत के बाद रांची के एयरपोर्ट थाने में ईडी के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (कांड संख्या 05/2026) दर्ज कर ली गई है।
पूछताछ के दौरान मारपीट का आरोप
दर्ज कराई गई एफआईआर में ईडी के सहायक निदेशक प्रतीक कुमार और एक अन्य अधिकारी शुभम को नामजद आरोपी बनाया गया है। संतोष कुमार का आरोप है कि उन्हें पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय बुलाया गया था, जहां उन पर जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया। इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई, जिससे वे घायल हो गए। इसके बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की गई।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पहुंची पुलिस
मामला दर्ज होते ही रांची पुलिस एक्शन में आ गई है। गुरुवार सुबह सदर डीएसपी और एयरपोर्ट थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ईडी कार्यालय पहुंची। पुलिस ने दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
ईडी ने आरोपों को नकारा, कहा- ‘खुद पर किया हमला’
दूसरी तरफ, ईडी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। एजेंसी का दावा है कि संतोष कुमार ने पूछताछ के दौरान खुद ही कांच के जग से अपने सिर पर वार कर लिया था। ईडी के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद उसका इलाज कराया गया था और मेडिकल रिपोर्ट में किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसी ने कहा कि उनके पास पूछताछ और इलाज से जुड़े सभी पुख्ता रिकॉर्ड मौजूद हैं।
सुरक्षा को लेकर सियासत तेज
इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने ईडी अधिकारियों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी के अफसरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है। फिलहाल, पुलिस और ईडी के दावों के बीच अब इस पूरे मामले की सच्चाई सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट की जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
