पटना: बिहार सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। भवन निर्माण विभाग ने पटना के प्रतिष्ठित 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने के लिए ‘अंतिम नोटिस’ जारी कर दिया है। विभाग ने राबड़ी देवी को 29 जून तक का समय दिया है।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर आवास खाली नहीं किया गया, तो बिहार सरकारी परिसर (बेदखली) अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी दिए जा चुके हैं कई नोटिस
भवन निर्माण विभाग के मुताबिक, राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के लिए यह कोई पहला नोटिस नहीं है। इससे पहले 15 दिसंबर 2025, 17 अप्रैल 2026 और हाल ही में 29 मई 2026 को भी नोटिस जारी कर उन्हें अवगत कराया जा चुका था। अब जारी किए गए 7 दिनों के अल्टीमेटम को विभाग की ओर से आखिरी चेतावनी माना जा रहा है।
नए मंत्री को आवंटित हो चुका है यह बंगला
दरअसल, 10 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला राज्य सरकार में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। राबड़ी देवी द्वारा बंगला खाली न किए जाने के कारण नए मंत्री अब तक इसमें शिफ्ट नहीं हो पाए हैं, जिसके चलते विभाग ने अब बेदखली की प्रक्रिया तेज कर दी है।
राबड़ी देवी ने जताई थी आपत्तियां, लालू यादव की सेहत का दिया हवाला
बिहार सरकार द्वारा राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी बंगला आवंटित किया गया है। इसे लेकर राबड़ी देवी ने पहले विभाग को पत्र लिखकर कुछ आपत्तियां दर्ज कराई थीं:
- सुविधाओं की कमी: उन्होंने शिकायत की थी कि नए आवास में रसोईघर छोटा है और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पर्याप्त जगह नहीं है।
- लालू यादव का स्वास्थ्य: उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा था कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें एक विशेष और सुरक्षित हाइजीनिक व्यवस्था की जरूरत है, जो फिलहाल नए घर में तैयार की जा रही है।
