नई दिल्ली: राम मंदिर चढ़ावे और चंदे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता विवाद के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चंपत राय के साथ ही ट्रस्ट के एक और प्रमुख सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा ट्रस्ट को सौंप दिया है। अब इन दोनों इस्तीफों पर अंतिम फैसला ट्रस्ट की आगामी बैठक में लिया जाएगा।
एसआईटी (SIT) की जांच के बाद बढ़ीं मुश्किलें
राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेरफेर के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस्तीफे के पीछे यह है मुख्य वजह
मामले में दर्ज की गई एफआईआर में चंपत राय का नाम शामिल नहीं होने पर कई दक्षिणपंथी संगठनों और अन्य पक्षों ने गंभीर सवाल उठाए थे। विरोध कर रहे संगठनों का तर्क है कि मंदिर के सभी प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की मुख्य जिम्मेदारी संभालने वाले शीर्ष पदाधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी बढ़ते दबाव और विवाद के बीच दोनों बड़े पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफा देने की बात सामने आई है।
ट्रस्ट की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इन कथित इस्तीफों को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि जारी नहीं की गई है। इस पूरे मामले में किसी भी पदाधिकारी की कानूनी संलिप्तता या जिम्मेदारी का अंतिम फैसला पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने अयोध्या से लेकर दिल्ली तक की सियासत और धार्मिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
