रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा धांधली और महाघोटाले के मामले में जेल में बंद राज्य के पूर्व मुख्य सचिव व आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते सहित अन्य प्रमुख आरोपियों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। सीआईडी (CID) की विशेष अदालत में आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने करीब 1000 पन्नों की विस्तृत और भारी-भरकम केस डायरी पेश की है। अदालत ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए अगले मंगलवार की तारीख मुकर्रर कर दी है।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान CID ने पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते, पूर्व परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, मास्टरमाइंड अभय तिवारी, सौरभ सुमन और अरविंद कुमार के खिलाफ जुटाए गए तकनीकी और दस्तावेजी सबूत अदालत के सामने रखे। 1000 पन्नों की इस केस डायरी में आरोपियों की भूमिका, सांठगांठ और वित्तीय लेन-देन का सिलसिलेवार ब्योरा दर्ज है।
जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि एल. ख्यांग्ते ने अपने कार्यकाल के दौरान परीक्षा का संचालन करने वाली निजी एजेंसियों से मोटी रकम कमीशन के रूप में वसूली थी। वहीं, नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार अभय तिवारी और उसके परिजनों को अवैध तरीके से विभिन्न उच्च पदों पर नियुक्तियां दिलाई गई थीं।
मामले में CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज कर अब तक 24 से अधिक रसूखदार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कोर्ट द्वारा साक्ष्यों के अध्ययन के लिए अगली तारीख तय किए जाने के बाद आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं मिल सकी है।
