झारखंड के हजारीबाग जिले में कोयला खदानों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने की एक बड़ी साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। केरेडारी के पगार ओपी क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में गोली लगने से घायल हुए दो युवक भी शामिल हैं।
पिस्टल की टेस्टिंग के दौरान लगी थी गोली हजारीबाग के एएसपी अमित कुमार के अनुसार, ये सभी आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान वे हथियार की टेस्टिंग कर रहे थे, तभी अचानक गोली चलने से रमेश महतो और रूपलाल महतो घायल हो गए। घटना के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने और जांच को भटकाने के लिए बाहरी अपराधियों द्वारा गोलीबारी किए जाने की झूठी अफवाह फैला दी थी। हालांकि, पुलिस की कड़ी पूछताछ और तकनीकी जांच में पूरा सच सामने आ गया।
कोयला खदानों से रंगदारी वसूलने की थी योजना पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने कोयला खदानों में फायरिंग कर कारोबारियों के मन में खौफ पैदा करने और फिर रंगदारी वसूलने का पूरा प्लान बनाया था। पुलिस ने इस कथित साजिश का मुख्य सरगना शिवलाल महतो को बताया है, जो पेशे से वाहन चालक है और उसी ने इस पूरी योजना की रूपरेखा तैयार की थी।
हथियार और अन्य सामान बरामद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से निम्नलिखित चीजें बरामद की हैं:
- एक पिस्टल और एक मैगजीन
- दो जिंदा कारतूस और 7.65 एमएम के दो खोखे
- तीन मोबाइल फोन
- फायरिंग का वीडियो रिकॉर्ड वाला एक पेन ड्राइव
- दो मोटरसाइकिलें
SIT की सूझबूझ से हुआ खुलासा दो युवकों के घायल होने की सूचना मिलने के बाद हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। टीम ने जब दोनों घायलों से अलग-अलग पूछताछ की, तो उनके बयानों में भारी अंतर पाया गया, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। इसी कड़ी के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों घायलों समेत सभी पांचों आरोपियों को दबोच लिया। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है।
