हजारीबाग विस्फोट कांड: 17 घंटे बाद भी घटनास्थल से नहीं हटे शव, बम निरोधक दस्ता और एसएफएसएल जांच में जुटी

हजारीबाग विस्फोट कांड: 17 घंटे बाद भी घटनास्थल से नहीं हटे शव, बम निरोधक दस्ता और एसएफएसएल जांच में जुटी

हजारीबाग: जिले के बड़ा बाजार ओपी थाना क्षेत्र अंतर्गत हबीबी नगर में बुधवार शाम करीब 5 बजे हुए जोरदार विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है। विस्फोट के 17 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शव घटनास्थल पर ही पड़े रहे, जबकि पुलिस के वरीय अधिकारी पूरी रात मौके पर मौजूद रहकर मामले की जांच करते रहे।

अत्यधिक ठंड को देखते हुए घटनास्थल के पास समियाना लगाया गया और अलाव की व्यवस्था की गई, ताकि ड्यूटी पर तैनात अधिकारी और पुलिसकर्मी वहां मौजूद रह सकें। गुरुवार सुबह होते ही बम निरोधक दस्ता घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंच गया, वहीं रांची से राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (SFSL) की टीम भी मौके पर पहुंचकर हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

खाली जमीन में हुआ धमाका

जानकारी के अनुसार, विस्फोट उस समय हुआ जब मृतकों में शामिल सद्दाम और उनके परिवार के सदस्य घर के पीछे खाली पड़ी जमीन में झाड़ियों की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जमीन में दबा कोई विस्फोटक पदार्थ अचानक फट गया। मृतकों की पहचान सद्दाम (पिता युनूस), नन्ही परवीन (पत्नी सद्दाम) और रशीदा परवीन (पत्नी मुस्ताक) के रूप में हुई है, जो सभी हबीबी नगर के निवासी थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पुलिस-प्रशासन की जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआत में इसे गैस सिलेंडर विस्फोट बताया गया था, लेकिन जांच में यह आशंका गलत पाई गई। सदर एसडीपीओ अमित आनंद ने बताया कि विस्फोटक पदार्थ किस प्रकार का था और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया, इसकी जांच की जा रही है। पूरी रात पुलिस बल घटनास्थल पर तैनात रहा। सुबह होते ही बम निरोधक दस्ता (जगुआर BT-02) और रांची से एसएफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर रासायनिक तत्वों की जांच शुरू कर दी है।

पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और किसी को भी घटनास्थल के आसपास जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के कारणों का खुलासा हो सकेगा। कुछ रिपोर्टों में एनआईए की संभावित एंट्री की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुरानी घटना से जुड़ रहा मामला

विस्फोट के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर जारी है। स्थानीय लोग इसे जमीन में दबे पुराने विस्फोटक से जोड़कर देख रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हबीबी नगर वही इलाका है, जहां 17 अप्रैल 2016 को राम नवमी के दौरान बम विस्फोट हुआ था, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी। उस मामले की जांच एनआईए ने की थी और बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।

ताजा घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक बार फिर सतर्क हो गई हैं। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

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