राँची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सरकार के इस आदेश पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस दीपक रोशन की पीठ के इस फैसले से JSSC CGL समेत अन्य परीक्षाओं के जरिए नवनियुक्त सैकड़ों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
प्रमुख बिंदु:
- याचिकाओं पर सुनवाई: शालिनी सुंडी, रोजलिन श्वेता तिग्गा और ऋषिकेश सज्जन द्वारा दायर तीन अलग-अलग रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार के आदेश को असंवैधानिक और मनमाना मानने से जुड़ी दलीलों पर यह फैसला दिया।
- सरकार से मांगा जवाब: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ा निर्देश जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर किन ठोस आधारों पर नियुक्तियों को रद्द किया गया था।
- अभ्यर्थियों के लिए शर्त: अदालत ने याचिकाकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से हलफनामा (Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसके तहत ट्रायल कोर्ट का अंतिम फैसला उन पर बाध्यकारी होगा।
- आगे का रुख: मामले में सरकार का जवाब दाखिल होने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
