नए साल पर रांचीवासियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। रांची रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से चल रहा पुनर्विकास कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। नए वर्ष के साथ ही स्टेशन का साउथ गेट यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही जनवरी से प्लेटफॉर्म संख्या 6 से ट्रेनों का संचालन शुरू करने की तैयारी है, जिससे यात्रियों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
रांची रेलवे स्टेशन का कायाकल्प तेजी से हो रहा है। साउथ गेट पर बने नए स्टेशन भवन का इंटीरियर लगभग पूरा हो चुका है। टाइल्स, फॉल्स सीलिंग, विद्युत फिटिंग और सजावटी कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्लेटफॉर्म पर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और स्टेशन परिसर आधुनिक रूप ले रहा है।
जी प्लस टू संरचना वाला यह अत्याधुनिक भवन यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके शुरू होते ही स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का अनुभव होगा।
स्टेशन की क्षमता में होगा बड़ा इजाफा
पुनर्विकास के बाद रांची रेलवे स्टेशन पर एक समय में लगभग 35 हजार यात्रियों की आवाजाही संभव होगी। यात्रियों के बैठने की व्यवस्था को भी पहले से बेहतर बनाया जा रहा है। फूड प्लाजा क्षेत्र में ही करीब 2,500 यात्रियों के बैठने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
447 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में से 330 करोड़ रुपये स्टेशन भवन निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। शेष राशि फर्नीचर, इंटीरियर और अन्य यात्री सुविधाओं पर लगाई जाएगी।
दो मंजिला नए स्टेशन भवन में 17 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं। यात्रियों के ठहरने के लिए स्टेशन के दोनों ओर 100-100 कमरों वाले रिटायरिंग रूम भी बनाए जा रहे हैं।
नॉर्थ गेट का भी होगा कायाकल्प
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, साउथ गेट का कार्य पूरा होते ही नॉर्थ गेट के पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल इस क्षेत्र का सर्वे किया जा रहा है और अगले दो से तीन महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। इसका उद्देश्य पूरे स्टेशन को एक समान और आधुनिक पहचान देना है।
निर्माण के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं। स्टेशन परिसर के पास स्टेडियम के पीछे एक अस्थायी भवन बनाया जा रहा है, जहां रेलवे के कई महत्वपूर्ण कार्यालय शिफ्ट किए जा रहे हैं। इनमें रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल, मजिस्ट्रेट कार्यालय, ट्रैक मशीन कार्यालय, रेलटेल कार्यालय और को-ऑपरेटिव बैंक शामिल हैं, ताकि सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें।
रेलवे के अनुसार, स्टेशन पुनर्विकास का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण यानी साउथ गेट का कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि पूरे स्टेशन का कायाकल्प जून 2026 तक पूरा हो जाएगा।
स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल स्टेशन
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए स्टेशन की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे स्टेशन की लगभग 30 प्रतिशत ऊर्जा जरूरत पूरी होगी। इसके अलावा महिलाओं के लिए फीडिंग जोन, बच्चों के लिए प्ले एरिया, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और आधुनिक प्रवेश नियंत्रण प्रणाली भी विकसित की जा रही है।
स्टेशन भवन के सामने एक बड़ा सर्कुलेटिंग एरिया बनाया जा रहा है, ताकि वाहनों की आवाजाही आसान हो सके। ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों के लिए अलग-अलग लेन और पर्याप्त पार्किंग की सुविधा भी दी जाएगी।
नया रोड ओवरब्रिज देगा जाम से राहत
रांची रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत उत्तर और दक्षिण हिस्सों को जोड़ने वाला नया रोड ओवरब्रिज भी तेजी से आकार ले रहा है। यह ओवरब्रिज स्टेशन के साथ-साथ शहर की यातायात व्यवस्था के लिए भी बेहद अहम होगा। दोनों ओर से निर्माण कार्य जारी है और पहुंच पथ पर भी काम तेजी से किया जा रहा है।
इसके बन जाने से चुटिया क्षेत्र के लोगों को बिरसा चौक या एचईसी जाने के लिए लंबा और जामभरा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। नेपाल हाउस और डोरंडा होते हुए सीधे बिरसा चौक तक पहुंचना आसान होगा। एफसीआई गोदाम और चुटिया के पास से नॉर्थ गेट तक सीधी कनेक्टिविटी मिलने से ट्रैफिक दबाव में काफी कमी आएगी।
25.5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह रोड ओवरब्रिज 11.70 मीटर चौड़ा होगा। इसमें दो लेन की सड़क के साथ दोनों ओर 1.5 मीटर चौड़े पैदल पथ बनाए जाएंगे। कुल 772 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज का मुख्य स्पैन 60 मीटर का बो-स्ट्रिंग गर्डर होगा। परियोजना को 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और फिलहाल काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
