राजधानी रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत अब रिम्स में भर्ती मरीजों के परिजनों और आगंतुकों के लिए पास अनिवार्य कर दिया गया है, साथ ही चिकित्सकों के प्रमोशन व नई नियुक्तियों का रास्ता भी साफ़ हो गया है।
अटेंडेंट और विजिटर्स के लिए नई पास व्यवस्था
अस्पताल के वार्डों में बेवजह की भीड़ और संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए रिम्स प्रबंधन ने सख्त नियम लागू किए हैं:
- अटेंडेंट का निर्धारण: गंभीर मरीजों के साथ अधिकतम दो अटेंडेंट और सामान्य मरीजों के साथ केवल एक अटेंडेंट को रुकने की अनुमति होगी।
- विजिटर्स के लिए तय समय: मरीजों से मिलने आने वालों (विजिटर्स) के लिए दिन में दो स्लॉट तय किए गए हैं:
- पहला स्लॉट: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
- दूसरा स्लॉट: शाम 4:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
- SAP संभालेगी सुरक्षा: इन नियमों के कड़ाई से पालन और पास की जांच की जिम्मेदारी स्पेशल ऑक्जिलियरी पुलिस (SAP) के जिम्मे होगी।
59 डॉक्टरों के प्रमोशन और 29 अक्टूबर को इंटरव्यू
चिकित्सकीय और शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए असेसमेंट प्रमोशन स्कीम (APS) के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवेदनों की छंटनी के बाद 59 डॉक्टरों को साक्षात्कार के लिए योग्य पाया गया है, जिनका इंटरव्यू आगामी 29 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगा। इसके अलावा, रिम्स के क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (RIO) में 5 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति का भी फैसला लिया गया है।
