रांची: एनोस एक्का को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, CNT एक्ट केस में राहत

रांची में जमीन लेन-देन से जुड़े सीएनटी एक्ट मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को 13 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। सीबीआई कोर्ट द्वारा 7 साल की सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें सर्वोच्च अदालत से यह बड़ी राहत प्राप्त हुई।

रांची: एनोस एक्का को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को जमीन लेन-देन से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला सीएनटी एक्ट के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ में हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 6 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे 13 अप्रैल 2026 को सुनाया गया और जमानत प्रदान कर दी गई।

सीबीआई कोर्ट ने सुनाई थी 7 साल की सजा

इससे पहले रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने एनोस एक्का को दोषी ठहराते हुए 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने माना था कि जमीन खरीद-फरोख्त के दौरान छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।

जमीन लेन-देन मामले की जांच

जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला लगभग डेढ़ दशक पुराना है। आरोप है कि मंत्री पद पर रहते हुए एनोस एक्का ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर आदिवासी भूमि की खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की।

जांच में यह भी सामने आया कि जमीन खरीद के लिए कथित रूप से फर्जी पते और दस्तावेजों का उपयोग किया गया।

अन्य आरोपी भी शामिल

इस मामले में एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का और रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।

रांची के कई क्षेत्रों में जमीन खरीद का मामला

प्रकरण में जिन जमीनों का उल्लेख हुआ है, वे रांची के हिनू, ओरमांझी, नेवरी और चुटिया क्षेत्रों में खरीदी गई थीं। यह खरीद-फरोख्त वर्ष 2006 से 2008 के बीच की बताई गई है।

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