गिरिडीह: नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की अध्यक्षता में सोमवार को गिरिडीह नगर निगम बोर्ड की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मेयर प्रमिला मेहरा, राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद, डिप्टी मेयर और उप नगर आयुक्त प्रशांत लायक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और वार्ड पार्षद शामिल हुए। बैठक में शहर के विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए गए, लेकिन श्मशान घाट से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
हर वार्ड को ₹40 लाख का बजट, विकास कार्यों को मंजूरी
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर निगम के प्रत्येक वार्ड को विकास कार्यों के लिए फिलहाल 40 लाख रुपये की राशि आवंटित की जाएगी।
- पार्षदों की अनुशंसा पर काम: वार्ड पार्षदों के अनुमोदन पर उनके क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार पीसीसी (PCC) और सड़क निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे।
- ठेकेदारी में भाई-भतीजावाद पर रोक की मांग: वार्ड पार्षद रंजीत और समरदीप ने एक महत्वपूर्ण सुझाव रखते हुए कहा कि निर्माण कार्यों के टेंडर से पार्षदों के दोस्तों या रिश्तेदारों को दूर रखा जाए। काम केवल उन्हीं को मिले जो पेशेवर और अनुभवी ठेकेदार हों, ताकि काम की गुणवत्ता बनी रहे।
श्मशान घाट में मुखाग्नि शुल्क पर नहीं हुआ फैसला
बैठक के दौरान वार्ड पार्षद रंजीत यादव ने एक बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि शहर के मारवाड़ी श्मशान घाट में मुखाग्नि के लिए एक निश्चित राशि तय की जानी चाहिए।
विवाद रोकने की कवायद: पार्षद ने तर्क दिया कि शुल्क तय न होने के कारण अक्सर मुखाग्नि देने वाले डोम समाज के लोगों और शोकाकुल परिवारों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। हालांकि, इस गंभीर मुद्दे पर बोर्ड की बैठक में कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
राजस्व बढ़ाने के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स का सुझाव
नगर निगम की आय (राजस्व) बढ़ाने के उद्देश्य से मेयर प्रमिला मेहरा ने शहर में मार्केट कॉम्प्लेक्स निर्माण कराने का सुझाव दिया। हालांकि, इस पर भी कोई ठोस फैसला नहीं हो पाया और इस प्रस्ताव को अगली (तीसरी) बैठक के लिए टाल दिया गया है।
