रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में सोमवार को नई शिक्षा नीति (NEP-2020) और परीक्षा संबंधी नियमों को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में ताला बंद कर जोरदार हंगामा और प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा।
‘ईयर बैक’ और NEP के नियमों को लेकर नाराजगी
छात्रों का मुख्य विरोध राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत सत्र 2023-27 के विद्यार्थियों के लिए लागू किए गए कड़े नियमों को लेकर है।
- जानकारी न देने का आरोप: छात्रों का कहना है कि नामांकन के समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया था कि उन्हें 4 वर्षीय पाठ्यक्रम और एनईपी के इन नए नियमों के तहत पढ़ना होगा।
- 75% पेपर पास करने की अनिवार्यता: छात्रों ने विरोध जताते हुए कहा कि उन्हें पहले यह नहीं बताया गया था कि हर साल दोनों सेमेस्टर मिलाकर 75 प्रतिशत पेपर पास करना जरूरी है। ऐसा न होने पर छात्रों को “ईयर बैक” (Year Back) का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका भविष्य अधर में है।
- अंकपत्र की समस्या: इसके अलावा समय पर अंकपत्र (Marksheet) न मिलने और परीक्षा विभाग की कार्यशैली को लेकर भी छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक पर गंभीर आरोप लगाए।
अधिकारियों से वार्ता के बाद खुला ताला
हंगामे की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के कुलपति (VC), प्रॉक्टर और परीक्षा नियंत्रक तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति को संभालते हुए अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया।
आंदोलन समाप्त: विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न समस्याओं पर लंबी बातचीत हुई। प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद छात्रों ने प्रशासनिक भवन का ताला खोला और आंदोलन समाप्त किया।
