रांची में 19 अप्रैल 2026 को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की रणनीति अपनाई गई।
रांची में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासी बयानबाजी तेज
झारखंड की राजधानी रांची में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भाजपा पर महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर परिसीमन से जुड़ी राजनीति करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि यह कदम महिलाओं को अधिकार देने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया है।
यह बयान झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष Keshav Mahato Kamlesh सहित अन्य नेताओं ने कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिया।
कांग्रेस का केंद्र सरकार पर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की तैयारी के तहत महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढ़ाया।
उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आरक्षण देना नहीं, बल्कि इसके जरिए राजनीतिक लाभ हासिल करना था।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर विवाद
प्रेस वार्ता में कहा गया कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जो प्रक्रिया अपनाई गई, उसमें पहले जनगणना, फिर परिसीमन और उसके बाद आरक्षण लागू करने की बात शामिल थी।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि विधेयक महिलाओं के हित में था तो इसे परिसीमन से क्यों जोड़ा गया।
इंडिया गठबंधन और विपक्ष का रुख
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण को लागू करना चाहती है, तो 2023 में पारित 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को 2029 के आम चुनाव में लागू किया जा सकता है।
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष इस कदम का समर्थन करने के लिए तैयार है।
एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण का मुद्दा
कांग्रेस विधायक दल के नेता Pradeep Yadav ने कहा कि जनगणना के बाद जातिगत आंकड़े सामने आने से एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए आरक्षण की मांग बढ़ सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण सरकार ने जल्दबाजी में विधेयक को आगे बढ़ाया।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री Deepika Pandey Singh ने भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला विधेयक की आड़ में राजनीति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन ने इस मुद्दे को उजागर किया है और केंद्र सरकार की रणनीति को समझ लिया गया है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीतिक रणनीति अपना रही है। वहीं पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मुद्दा लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संविधान से जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्पष्ट नीति और समयबद्ध तरीके से महिला आरक्षण लागू करने की मांग की है।
