रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में गुरुवार को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह सह मुखिया सम्मेलन 2026 आयोजित हुआ। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उत्कृष्ट पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
रांची में मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह 2026 का आयोजन
झारखंड की राजधानी रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में “मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट पंचायतों और प्रतिनिधियों का सम्मान
मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित प्रतिनिधियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इनमें उत्कृष्ट ग्राम पंचायत श्रेणी, श्रेष्ठ ग्राम सभा श्रेणी, स्वच्छ एवं स्वस्थ पंचायत समिति श्रेणी तथा जिला परिषद श्रेणी शामिल रही।
इस अवसर पर पंचायत स्तर पर बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
UIDAI से जुड़े MoU का औपचारिक हस्तांतरण
कार्यक्रम के दौरान UIDAI से संबंधित सहभागिता की शर्तों (Terms of Engagement) की हस्ताक्षरित प्रति का औपचारिक हस्तांतरण भी किया गया। इस MoU के तहत ग्राम पंचायतों में आधार से संबंधित सेवाएं ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
गांवों के विकास पर मुख्यमंत्री का जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य का समग्र विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि गांव ही राज्य की मजबूत नींव हैं और गांवों के विकास से ही राज्य का विकास संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गांवों से चलने वाली व्यवस्था पर विश्वास करती है और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
पंचायत स्तर पर विकास और योजनाओं पर बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि व्यवस्था के समन्वय से विकास को गति दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
जल संकट और सोलर ऊर्जा पर सुझाव
मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम में जल संकट की संभावना को देखते हुए तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य करने की बात कही। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खाली जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाने का सुझाव भी दिया, जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ सके।
ग्रामीण विकास और समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से ईमानदारी से कार्य करने और जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अपील की।
