रांची: राजधानी के नगड़ी इलाके में प्रस्तावित रिम्स-2 (RIMS-2) के निर्माण को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को आदिवासी संगठनों और ‘नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीण और किसान सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए कूच कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें कांके ब्लॉक चौक के पास ही भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
उपजाऊ कृषि भूमि बचाने की आर-पार की जंग
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का साफ कहना है कि रिम्स-2 के निर्माण के लिए प्रशासन जिस जमीन को अधिग्रहित करना चाहता है, वह बेहद उपजाऊ कृषि भूमि है। किसानों का आरोप है कि अगर इस जमीन पर अस्पताल का निर्माण होता है, तो स्थानीय आदिवासियों और किसानों की आजीविका का एकमात्र साधन छिन जाएगा, जिससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी।
“हम विकास के विरोधी नहीं, लेकिन उपजाऊ जमीन नहीं देंगे”
प्रदर्शन में शामिल पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा:
“हम क्षेत्र में विकास या अस्पताल बनने के विरोधी नहीं हैं। सरकार किसी दूसरी जगह पर रिम्स-2 बनाए, लेकिन हमारी उपजाऊ तीन फसली जमीन पर किसी भी कीमत पर निर्माण कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह हमारी आजीविका और संस्कृति पर हमला है।”
कांके चौक पर छावनी जैसी स्थिति, प्रशासन के फूले हाथ-पांव
हजारों की तादाद में ग्रामीणों को सीएम आवास की तरफ बढ़ता देख प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कांके ब्लॉक चौक पर मजबूत बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया और उन्हें कांके प्रखंड कार्यालय की तरफ डाइवर्ट करने की कोशिश की। टकराव की स्थिति को टालने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। फिलहाल अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।
