कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के बीच, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखे तेवर दिखाए हैं। बुधवार को अपने गढ़ भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों का दौरा करते हुए ममता ने केंद्रीय सुरक्षा बलों और चुनाव पर्यवेक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
‘भाजपा के लिए काम कर रहे हैं पर्यवेक्षक’ मतदान के दिन सुबह ही सक्रिय हुईं ममता बनर्जी ने चक्रबेड़िया स्थित एक मतदान केंद्र के बाहर बैठकर मीडिया से बात की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव पर्यवेक्षक बाहरी हैं और वे सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “क्या इस तरह मतदान संभव है? हमारे कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है और टीएमसी के झंडे हटा दिए गए हैं।” मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
शुभेंदु अधिकारी और ममता में ‘प्रतिष्ठा की जंग’ भवानीपुर सीट इस बार की सबसे हॉट सीट बनी हुई है। यहाँ ममता बनर्जी का मुकाबला नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से है। इसे 2021 की नंदीग्राम लड़ाई का रिफ्लेक्शन माना जा रहा है। जहां एक ओर ममता ने धांधली का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
भाजपा का पलटवार भाजपा नेताओं ने ममता के आरोपों को उनकी हार का डर बताया है। शुभेंदु अधिकारी ने खिदिरपुर के मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के बाद कहा, “ममता बनर्जी चुनाव हार रही हैं। लोग बड़ी संख्या में मतदान कर रहे हैं और चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव करा रहा है।”
अभिषेक बनर्जी का दावा: ‘बंपर जीत हासिल करेगी टीएमसी’ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने भी मतदान के बाद जीत का भरोसा जताया है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी इस बार 2021 के मुकाबले भी अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापस लौटेगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर मतदान जारी है। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों में सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था की गई है। मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो राज्य की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए चुनाव के महत्व को दर्शाती हैं।
