रांची: मानसून की दस्तक से पहले राजधानी रांची को जलजमाव (Waterlogging) की समस्या से निजात दिलाने के लिए रांची नगर निगम (RMC) ने कमर कस ली है। शहरभर में बंद पड़ी और जाम नालियों को खोलने के लिए निगम द्वारा युद्धस्तर पर एक विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि नगर निगम पहली बार संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले मोहल्लों में सफाई के लिए आधुनिक स्किड लोडर (मिनी जेसीबी) मशीनों का इस्तेमाल कर रहा है।
संकरी गलियों के लिए ‘मिनी जेसीबी’ साबित हो रही लाइफलाइन
रांची के कई रिहायशी इलाकों में संकरी गलियों के कारण बड़ी मशीनें नहीं पहुंच पाती थीं, जिससे नालियों की गाद निकालना मुश्किल होता था। निगम ने इस समस्या को दूर करने के लिए चार अत्याधुनिक स्किड लोडर मशीनों को मैदान में उतारा है। ये मशीनें आसानी से तंग रास्तों में दाखिल होकर:
- वर्षों से जमी गाद (Silt) और प्लास्टिक कचरे को तेजी से हटा रही हैं।
- पूरी तरह चोक हो चुकीं बंद नालियों को दोबारा फंक्शनल (चालू) कर रही हैं।
- जरूरत पड़ने पर पानी की निकासी के लिए अस्थाई नालियों का निर्माण भी कर रही हैं।
इन वार्डों और इलाकों में तेजी से चल रहा काम
नगर निगम की टीमें लगातार फील्ड में डटी हुई हैं। अब तक शहर के कई संवेदनशील और जलजमाव वाले क्षेत्रों में सफाई पूरी की जा चुकी है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- वार्ड 14 & 18: राम मंदिर चुटिया के पास और लोहराकोचा।
- वार्ड 12 & 19: कांटाटोली और धोबीघाट।
- वार्ड 26 & 28: हरमू क्षेत्र और मधुकम।
- वार्ड 30, 33 & 35: अलकापुरी, ओटीसी ग्राउंड और अरगोड़ा तालाब के पास।
- अन्य प्रमुख इलाके: करमटोली, किशोरगंज और कुसुम विहार की संकरी गलियां।
त्वरित कचरा उठाव: निगम अधिकारियों के मुताबिक, नालियों से निकाली जा रही गाद और मलबे को सड़कों पर छोड़ने के बजाय तुरंत वहां से हटाया जा रहा है, ताकि बारिश होने पर यह कचरा बहकर दोबारा नालियों में न चला जाए। इस पहल से उम्मीद है कि इस बार मानसून में रांची वासियों को जलजमाव से बड़ी राहत मिलेगी।
