गिरिडीह: सीसीएल की कबरीबाद खदान में हुए दिलीप दास हत्याकांड ने कोयलांचल के सिंडिकेट और प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुफ्फसिल थाना में मृतक की माँ के बयान पर सीसीएल मैनेजर रामसागर समेत 8 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, मामले को नया मोड़ देते हुए सीसीएल ने मृतक पर ही कोयला चोरी की एफआईआर दर्ज करा दी है।
बहन से मिलने जा रहा था दिलीप, रास्ते में घेरकर उतारा मौत के घाट
मृतक की मां कौशल्या देवी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार:
- दिलीप दास अपनी बहन से मिलने जा रहा था, तभी कबरीबाद खदान के पास उसे रोक लिया गया।
- सुरक्षा प्रभारी ने उसे पुरानी बातों को लेकर जेल भेजने की धमकी दी।
- आरोप है कि विवाद बढ़ने पर मैनेजर रामसागर ने धारदार हथियार से दिलीप पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
इन पर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा (BNS धारा 103, 118, 305 व अन्य):
पुलिस ने खदान मैनेजर सह सुरक्षा प्रभारी रामसागर, सीसीएल कर्मी विकास दास, बिरजू भुइयां, होम गार्ड संतोष, शमीम, अख्तर अंसारी, महताब और फागू कोल्ह को नामजद आरोपी बनाया है।
सीसीएल का ‘मैनेजमेंट ड्रामा’? मरने के बाद मृतक को बनाया आरोपी
हैरानी की बात यह है कि हत्या के तीसरे दिन सीसीएल प्रबंधन ने एक जवाबी चाल चलते हुए होमगार्ड जवान भुवनेश्वर मंडल के जरिए मृतक दिलीप और उसके दो साथियों पर कोयला चोरी का केस दर्ज करा दिया है।
विवाद की जड़: सीसीएल का दावा है कि दिलीप फेंसिंग काटकर कोयला चोरी करने घुसा था, लेकिन आवेदन में इस बात का जिक्र नहीं है कि पकड़े जाने पर बात हत्या तक कैसे पहुँच गई।
खदान में उत्पादन ठप्प, 18 लाख का नुकसान
इस खूनी संघर्ष और हंगामे के बाद कबरीबाद खदान में काम पूरी तरह से बंद है। सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद उपजे तनाव के कारण अब तक करीब 18 लाख रुपये के कोयला उत्पादन का नुकसान होने का अनुमान है।
पुलिस का रुख: मुफ्फसिल थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के आवेदन पर जांच जारी है। हत्या जैसे गंभीर मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
