रांची: रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) ने यात्रियों को झांसा देकर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। फर्जी टीटीई (TTE) बनकर भोले-भाले यात्रियों को शिकार बनाने वाले इस गिरोह के चार सदस्यों को आरपीएफ ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरी कार्रवाई आरपीएफ की विशेष टीम द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन रक्षक’ के तहत अंजाम दी गई।
‘ऑपरेशन रक्षक’ के तहत हुई कार्रवाई
आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि रांची स्टेशन परिसर में कुछ संदिग्ध लोग टीटीई बनकर घूम रहे हैं और यात्रियों को कन्फर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूल रहे हैं। सूचना के आधार पर आरपीएफ निरीक्षक शिशुपाल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। यूटीएस बुकिंग ऑफिस के पास घेराबंदी कर पुलिस ने पहले दो संदिग्धों—महेश साहनी और चंदन कुमार को हिरासत में लिया।
2,000 रुपये ऐंठकर भागने की फिराक में थे
पूछताछ के दौरान मौके पर मौजूद पीड़ित यात्री उमर साद खान ने खुलासा किया कि इन दोनों ने कन्फर्म टिकट का भरोसा देकर उससे 2,000 रुपये ले लिए थे और टिकट दिए बिना चंपत होने की फिराक में थे। आरपीएफ ने आरोपियों के पास से ठगी के 2,000 रुपये नकद बरामद किए।
गिरोह के 2 अन्य सदस्य भी गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उनकी निशानदेही पर गिरोह के दो अन्य साथियों—सीतल राय और संतोष साहनी को भी स्टेशन परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया। चारों आरोपियों ने आरपीएफ के समक्ष टीटीई बनकर यात्रियों से ठगी करने का जुर्म कबूल कर लिया है।
7 मोबाइल बरामद, जीआरपी को सौंपे गए आरोपी
आरपीएफ ने आरोपियों के पास से कुल 7 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें से 2 मोबाइल चोरी के पाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए चारों आरोपियों और जब्त सामान को जीआरपी (GRP) रांची के सुपुर्द कर दिया है।
इस सफल कार्रवाई में एसआई बसंत मलिक, पवन कुमार, कमल दास सहित RPF के अन्य जवानों की मुख्य भूमिका रही।
