फिर बढ़ी महंगाई की मार! लगातार चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी की जेब पर बढ़ा भारी बोझ

नई दिल्ली: देश में आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। सोमवार, 25 मई 2026 को लगातार चौथी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों द्वारा तय की गई नई दरें सुबह 6 बजे से ही लागू हो गई हैं। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और रांची सहित देश के तमाम बड़े शहरों में ईंधन के दाम आसमान छूने लगे हैं, जिससे आम आदमी के घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

मेट्रो शहरों में पेट्रोल के नए दाम (प्रति लीटर)

ईंधन की कीमतों में इस बार विभिन्न शहरों में ₹3 प्रति लीटर तक का बड़ा इजाफा देखने को मिला है।

  • दिल्ली: ₹2.61 की बढ़ोतरी के साथ पेट्रोल अब ₹102.12 पर पहुंच गया है।
  • मुंबई: आर्थिक राजधानी में पेट्रोल की कीमत ₹111.21 हो गई है।
  • कोलकाता: यहाँ पेट्रोल का दाम ₹113.51 प्रति लीटर तक जा पहुंचा है।
  • चेन्नई: चेन्नई में अब जनता को 1 लीटर पेट्रोल के लिए ₹107.77 चुकाने होंगे।

डीजल की कीमतों में भी लगी आग

पेट्रोल के साथ-साथ डीजल की कीमतों में भी जोरदार उछाल आया है, जिससे माल ढुलाई और परिवहन क्षेत्र पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

  • दिल्ली: डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
  • मुंबई: डीजल की कीमत ₹97.83 प्रति लीटर।
  • कोलकाता: यहाँ डीजल ₹99.82 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
  • चेन्नई: डीजल का नया दाम ₹99.55 प्रति लीटर हो गया है।

तेल कंपनियों को हो रहा था भारी घाटा: क्रिसिल (CRISIL)

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹10 प्रति लीटर और डीजल पर ₹13 प्रति लीटर का भारी घाटा उठाना पड़ रहा था।

मई 2022 के बाद सबसे महंगा ईंधन: रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश में ईंधन की कीमतें मई 2022 के बाद से अपने सबसे उच्चतम स्तर (Highest Level) पर पहुंच चुकी हैं।

बढ़ सकता है चौतरफा महंगाई का खतरा

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले 11 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई (Logistics) महंगी होगी, जिसका सीधा असर फल, सब्जी और रोजमर्रा के जरूरी खाद्य उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा। वहीं, सरकार ने इस मूल्यवृद्धि के पीछे वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) को मुख्य वजह बताया है।

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