भारतीय सेना देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ अब ‘मेड इन इंडिया’ हथियारों के वैश्विक निर्यात (Export) को बढ़ाने पर पूरा जोर दे रही है। इसके लिए सेना मित्र देशों के साथ होने वाले बहुपक्षीय सैन्य अभ्यासों का भरपूर लाभ उठा रही है। मेघालय के उमरोई में आयोजित 13 देशों के बड़े सैन्य अभ्यास के समापन के मौके पर शनिवार को सेना डिजाइन ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल सी.एस. मान ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी।
सिर्फ घरेलू बाजार काफी नहीं, निर्यात पर कब्जा जरूरी
मेजर जनरल सी.एस. मान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार के प्रोत्साहन, ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और तीनों सेनाओं (विशेषकर थल सेना) के सहयोग से भारतीय रक्षा उद्योग बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारतीय रक्षा कंपनियों को घरेलू स्तर पर तो बेहतरीन मौके मिल रहे हैं, लेकिन उद्योग के बड़े विस्तार के लिए सिर्फ स्थानीय बाजार काफी नहीं है। उन्होंने कहा, “हमें वैश्विक निर्यात बाजार पर कब्जा करना होगा। यही वजह है कि जब भी मित्र देशों के साथ सैन्य अभ्यास होते हैं, हम वहां स्वदेशी हथियारों और रक्षा प्रणालियों की प्रदर्शनियां आयोजित करते हैं।”
‘प्रगति अभ्यास’ में 51 कंपनियों ने दिखाए स्वदेशी हथियार
मेजर जनरल मान ने बताया कि इसी रणनीति के तहत उमरोई सैन्य केंद्र में ‘प्रगति अभ्यास’ के अंतर्गत एक विशाल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
- उद्योगों की भागीदारी: इस प्रदर्शनी में देश के 51 रक्षा उद्योग भागीदारों (कंपनियों) ने हिस्सा लिया।
- विदेशी प्रतिनिधि: अभ्यास में शामिल हुए 12 देशों के सैन्य प्रतिनिधियों के सामने भारतीय कंपनियों को अपने उपकरणों की खूबियां बताने और सीधे बातचीत करने का मंच मिला।
- वीआईपी विजिट: भारतीय सेना के उप प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के साथ-साथ अन्य सभी प्रतिभागी देशों के उप प्रमुख स्तर के प्रतिनिधिमंडलों ने इस प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया।
इन अत्याधुनिक स्वदेशी उपकरणों का हुआ प्रदर्शन
मेघालय के इस सैन्य केंद्र में विदेशी सेनाओं के सामने भारत में बने कई आधुनिक और घातक रक्षा उपकरणों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- ड्रोन और रडार सिस्टम
- निगरानी (Surveillance) उपकरण
- परिधि सुरक्षा (Perimeter Security) प्रणालियां
- आधुनिक शस्त्र और गोला-बारूद
- ऑल-टेरेन वाहन (All-Terrain Vehicles – हर तरह के रास्तों पर चलने वाली गाड़ियां)
पोर्टल के लिए मुख्य बिंदु: यह कदम न केवल भारतीय सेना की तकनीकी ताकत को दिखाता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत को एक प्रमुख ‘डिफेंस एक्सपोर्टर’ (रक्षा निर्यातक) के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
