बिहार के सियासी गलियारे में एक बार फिर ‘सरकारी बंगले’ को लेकर घमासान शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को पटना स्थित उनके ऐतिहासिक सरकारी आवास ’10 सर्कुलर रोड’ को तुरंत खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। सरकार के इस कड़े रुख पर राबड़ी देवी ने भी दो टूक जवाब देते हुए बंगला छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके बाद सूबे की राजनीति का पारा अचानक चढ़ गया है।
तीसरी बार मिला नोटिस, नए मंत्री को अलॉट हुआ बंगला
भवन निर्माण विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि ’10 सर्कुलर रोड’ स्थित यह सरकारी बंगला अब राज्य के नए पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम के नाम आवंटित किया जा चुका है।
- विभाग के मुताबिक, राबड़ी देवी को भेजा गया यह तीसरा नोटिस है।
- इससे पहले करीब एक महीने पहले भी उन्हें आवास खाली करने की चेतावनी दी गई थी।
“फोर्स बुलाकर खाली करा ले सरकार”
दिल्ली से पटना लौटने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में राबड़ी देवी ने सरकार के इस आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि वह किसी भी कीमत पर यह आवास खुद से खाली नहीं करेंगी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर सरकार बंगला खाली ही कराना चाहती है, तो फोर्स (पुलिस बल) बुलाकर खाली करवा ले।”
क्या है पूरा विवाद?
- नया आवास हो चुका है आवंटित: भवन निर्माण विभाग के अनुसार, नवंबर 2025 में राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के नाते ’39 हार्डिंग रोड’ स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है।
- नियमों का हवाला: विभाग का कहना है कि नया बंगला मिलने के बावजूद उन्होंने पिछले छह महीनों से पुराना आवास खाली नहीं किया है। उन्हें कई बार शिफ्ट होने का आग्रह किया गया था।
- 21 साल पुराना नाता: राजद (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार वर्ष 2005 से लगातार इसी ’10 सर्कुलर रोड’ वाले बंगले में रह रहा है। यही वजह है कि यह आवास राजद की राजनीति का मुख्य केंद्र माना जाता है।
सामान शिफ्टिंग की चर्चा: अंदरूनी सूत्रों और कयासों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से इस बंगले से सामान धीरे-धीरे दूसरे ठिकानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। हालांकि, राबड़ी देवी के इस ताजा और कड़े बयान के बाद अब गेंद नीतीश सरकार के पाले में है कि वह इस पर क्या प्रशासनिक कदम उठाती है।
