कोरबा: छत्तीसगढ़ का पावर हब कहा जाने वाला कोरबा जिला अब देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों की पहली पसंद बनता जा रहा है। अडाणी ग्रुप के बाद अब देश के प्रतिष्ठित बिजनेस घराने JSW एनर्जी (JSW Energy) ने छत्तीसगढ़ के बिजली क्षेत्र में एक बड़ा धमाका किया है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने कोरबा जिले में स्थित ‘मारुति क्लीन कोल एंड पावर’ (Maruti Clean Coal and Power) के शत-प्रतिशत अधिग्रहण (100% टेकओवर) का औपचारिक ऐलान कर दिया है।
1,410 करोड़ रुपये की मेगा डील
शेयर बाजारों (Stock Exchanges) को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, JSW एनर्जी मारुति क्लीन कोल की पूरी 100% इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। इस बड़ी डील की एंटरप्राइज वैल्यू 1,410 करोड़ रुपये तय की गई है।
इस अधिग्रहण के लिए जेएसडब्ल्यू ने कोलाहाई इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड (Kolahai Infotech) और एसएफआई पार्सल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (SFI Parcel Services) के साथ एक अंतिम समझौता किया है। कंपनी को उम्मीद है कि यह पूरा ट्रांजैक्शन 31 जुलाई, 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद मारुति क्लीन कोल पूरी तरह से JSW एनर्जी की सहायक कंपनी (Subsidiary) बन जाएगी।
इन मंजूरियों का है इंतजार
हालांकि, इस डील को पूरी तरह अमलीजामा पहनाने के लिए अभी कुछ महत्वपूर्ण वैधानिक और सरकारी मंजूरियों की आवश्यकता होगी:
- नियामक संस्थाओं (Regulators) से जरूरी क्लीयरेंस।
- सीएसआईडीसी (CSIDC – छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम) की जमीन ट्रांसफर करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की हरी झंडी।
- मारुति क्लीन कोल के मौजूदा कर्जदाताओं (Lenders) से एनओसी (NOC)।
बिजली उत्पादन क्षमता में होगा बंपर इजाफा
कोरबा के ग्राम बांधाखार में स्थित मारुति क्लीन कोल फिलहाल 300 मेगावाट (MW) क्षमता का थर्मल पावर प्रोजेक्ट संचालित करती है। इस प्लांट ने बीते वित्त वर्ष (FY 2025-26) में 787 करोड़ रुपये का शानदार रेवेन्यू कमाया था।
2030 तक बड़ा टार्गेट: JSW एनर्जी ने साल 2030 तक अपनी कुल बिजली उत्पादन क्षमता को 30 गीगावाट (GW) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में कंपनी की इंस्टॉल्ड थर्मल कैपेसिटी 5,658 मेगावाट है। इस नए प्लांट के जुड़ने से कंपनी की कुल चालू थर्मल क्षमता बढ़कर 5,958 मेगावाट हो जाएगी। इसके अलावा, कंपनी के कई अन्य प्रोजेक्ट्स भी पाइपलाइन में हैं।
