नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन को अपना पुरजोर समर्थन दिया है। शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी कर केजरीवाल ने देशभर के अभिभावकों और छात्रों से घरों से बाहर निकलने और जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन में शामिल होने की भावुक अपील की।
यह अपील आंदोलन की अगुवाई कर रहे वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन उनकी तबीयत बिगड़ने और उन्हें अस्पताल ले जाए जाने के कुछ घंटों बाद आई है। वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
“अगर वे आपके बच्चों के लिए बैठे हैं, तो आप घर पर क्यों हैं?”
केजरीवाल ने ‘एक्स’ (ट्विटर) पर जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि वांगचुक और दीपके अपने किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के हक और भविष्य के लिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अभिभावकों को चुप न रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा:
“अगर वे आपके बच्चों के लिए जंतर-मंतर पर बैठे हैं, तो आप घर पर क्यों बैठे हैं? आपको उनके साथ जंतर-मंतर पर होना चाहिए। यदि लोग अब भी आगे नहीं आए, तो भविष्य में परीक्षा के प्रश्नपत्र फिर से लीक होने पर उन्हें शिकायत करने का कोई अधिकार नहीं होगा। हम सभी को एक साथ सड़कों पर उतरना होगा और मिलकर आवाज बुलंद करनी होगी, तभी सरकार हमारी बात सुनेगी।” — अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक (AAP)
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा सुधार की मांग
गौरतलब है कि वांगचुक ने देश में लगातार हो रहे प्रश्नपत्र (पेपर) लीक को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोला हुआ है। केजरीवाल ने भी नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई (CBSE) की मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि इससे युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे खुद के व्यक्तिगत रूप से प्रभावित होने का इंतजार न करें, बल्कि देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए चल रहे इस संघर्ष का हिस्सा बनें।
