रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में जंगलों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अवैध कटाई पर कसेगा शिकंजा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि राज्य में अवैध रूप से हो रही पेड़ों की कटाई पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि वन क्षेत्रों की नियमित निगरानी (पेट्रोलिंग) बढ़ाई जाए ताकि माफियाओं पर नकेल कसी जा सके।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने पर ध्यान
समीक्षा बैठक में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए त्वरित एवं प्रभावी तंत्र विकसित किया जाना बेहद जरूरी है।
विकास और पर्यावरण में संतुलन
CM सोरेन ने इस बात पर विशेष बल दिया कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर सामंजस्य होना चाहिए। इसके अलावा, राज्य भर में बड़े पैमाने पर सघन पौधरोपण (Plantation Drive) अभियान चलाने और हरित क्षेत्र (Green Cover) को बढ़ाने के लिए विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
