रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं (JPSC-JSSC) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन के 14वें दिन एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। शुक्रवार को राजभवन से विधानसभा मार्च के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक अज्ञात व्यक्ति ने स्याही फेंक दी और उन पर ‘राष्ट्रविरोधी’ होने का आरोप लगाया।
यह घटना बिरसा चौक के समीप उस वक्त घटी, जब आइसा (AISA) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के नेतृत्व में छात्र शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी और आइसा नेता शिवानी के अनुसार, जुलूस के बीच अचानक एक युवक निकला और उसने नेहा बोरा पर स्याही उड़ेल दी। छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि आरोपी सत्तारूढ़ दल/भाजपा समर्थित तत्वों से जुड़ा है।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया। पुलिस कस्टडी में मीडिया से बातचीत के दौरान आरोपी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, “नेहा बोरा उमर खालिद की समर्थक हैं और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल रहती हैं, इसलिए मैंने ऐसा किया।”
‘स्याही और लाठियों से नहीं दबेगा युवाओं का गुस्सा’ — नेहा बोरा स्याही फेंके जाने की घटना पर निडर प्रतिक्रिया देते हुए नेहा बोरा ने कहा, “स्याही फेंकने जैसी हरकतों से मैं डरने वाली नहीं हूं। दिल्ली आंदोलन के दौरान मैंने पैलेट गन और लाठीचार्ज तक का सामना किया है। क्या उन्हें लगता है कि इस तरह की स्याही फेंकने से देश भर के युवाओं और छात्रों का गुस्सा दबाया जा सकता है?”
पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है और बिरसा चौक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
