रांची के चुटिया क्षेत्र के बेल बागान इलाके में LPG की किल्लत के बीच स्थानीय लोगों ने ₹200 में सिलेंडर की लाइन में रातभर निगरानी की सेवा शुरू कर दी है। यह व्यवस्था 25 मार्च 2026 को सामने आई, जहां लोग रात में लाइन लगाने से बचने के लिए यह विकल्प अपना रहे हैं।
रांची LPG किल्लत से उभरी सिलेंडर रखवाली सेवा
रांची में LPG की कमी के चलते चुटिया के बेल बागान इलाके में एक नई व्यवस्था देखने को मिल रही है। यहां स्थानीय लोग ₹200 शुल्क लेकर गैस सिलेंडरों की रातभर लाइन में रखवाली कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को देर रात लाइन में खड़े होने की परेशानी से राहत मिल रही है।
इस व्यवस्था में लोग अपने खाली सिलेंडर को लाइन में लगाकर घर लौट जाते हैं। इसके बाद “रखवाली” करने वाले व्यक्ति पूरी रात सिलेंडर की जगह सुरक्षित रखते हैं। सुबह उपभोक्ता आकर सीधे गैस प्राप्त कर लेते हैं।
₹200 में पूरी रात निगरानी
इस सेवा का शुल्क प्रति सिलेंडर ₹200 तय किया गया है। इसके बदले में सिलेंडर की रातभर निगरानी की जाती है, जिससे लोगों को रात में उठकर ठंड में लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रही है, जो रात में लाइन में खड़े होने में असमर्थ हैं।
आय का नया जरिया बना यह सिस्टम
यह व्यवस्था अब कमाई का साधन भी बन गई है। यदि कोई व्यक्ति एक साथ कई सिलेंडरों की जिम्मेदारी लेता है, तो वह एक रात में अच्छी आय अर्जित कर सकता है।
उदाहरण के तौर पर, 50 सिलेंडरों की निगरानी करने पर एक रात में ₹10,000 तक की कमाई संभव है।
रांची में गैस आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल
यह स्थिति रांची में गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को भी उजागर करती है। गैस की गाड़ियों के समय पर नहीं पहुंचने और लंबी लाइनों के कारण लोगों को वैकल्पिक उपाय अपनाने पड़ रहे हैं।
ऐसे में स्थानीय स्तर पर विकसित यह “रखवाली सेवा” लोगों की जरूरतों को पूरा करती दिखाई दे रही है।
गैस लेने का बदलता तरीका
मौजूदा हालात में रांची में LPG प्राप्त करना केवल लाइन में लगने तक सीमित नहीं रह गया है। लोग सुविधा के लिए अतिरिक्त भुगतान कर रहे हैं ताकि उन्हें लाइन में स्थान सुनिश्चित मिल सके।
इस प्रकार, बेल बागान इलाके में गैस सिलेंडर प्राप्त करने की प्रक्रिया में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां समय और सुविधा के बदले भुगतान किया जा रहा है।
