झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) के आह्वान पर राज्यभर के 108 एंबुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को लेकर अड़े कर्मचारियों ने रांची सदर अस्पताल समेत राज्य के विभिन्न जिलों में अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए भिक्षाटन किया, ताकि सरकार का ध्यान उनकी गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित किया जा सके।
संघ के प्रदेश महामंत्री सह रांची जिला अध्यक्ष सूरज साहू ने बताया कि गत जुलाई से कर्मचारियों का वेतन बकाया है। इसके अलावा वेतन में मनमानी कटौती, खराब एंबुलेंसों की मरम्मत न होने और पूर्व में सेवा से हटाए गए सहकर्मियों की बहाली न होने से कर्मचारी और उनके परिवार भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि गत 16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें 15 से 20 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया था। हालांकि, तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे मजबूर होकर कर्मचारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा।
प्रमुख मांगें:
- 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से कराया जाए।
- सेवा से बर्खास्त किए गए कर्मियों को अविलंब पुनर्बहाल किया जाए।
- सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार पूरी तरह से लागू किए जाएं।
संघ ने कड़ी चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका यह चरणबद्ध आंदोलन और तेज किया जाएगा।

zlhvjt