रांची: झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्व ‘मुड़मा जतरा’ को इस बार बेहद भव्य और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आगामी 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस बड़े आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को मुड़मा पड़हा भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, पेयजल और साफ-सफाई जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और CCTV से निगरानी
बैठक में जानकारी दी गई कि जतरा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य चौक-चौराहों और जतरा स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि भीड़ प्रबंधन, नियमित पेट्रोलिंग और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि इस वर्ष मुड़मा जतरा को और भी भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही जतरा के आयोजन के लिए मिलने वाली 70 लाख रुपये की अनुदान राशि को बढ़ाने को लेकर जतरा समिति के साथ मिलकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया गया है।
इन खास व्यवस्थाओं पर भी रहेगा जोर
- सड़कें और बुनियादी सुविधाएं: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खराब सड़कों की मरम्मत, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और अस्थायी शौचालयों के निर्माण पर जोर दिया गया है।
- सफाई और प्रतिबंध: जतरा क्षेत्र में साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ शराब की अवैध बिक्री और सेवन पर पूरी तरह से सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
झारखंड के प्रसिद्ध धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने मुड़मा जतरा को यहां की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक बताया है। इस ऐतिहासिक आयोजन में न केवल झारखंड बल्कि देश के अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में आदिवासी और श्रद्धालु हिस्सा लेने पहुंचते हैं।
