रांची: झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक) डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने उनके मासिक मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। संशोधित दरों के लागू होने के बाद अब प्रथम वर्ष के डॉक्टरों को 70,000 रुपये, द्वितीय वर्ष के डॉक्टरों को 75,000 रुपये और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों को 80,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस फैसले से डॉक्टरों को हर महीने 15,500 से 17,000 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ होगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस कदम को डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाने और राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम प्रयास बताया है।
किस वर्ष के डॉक्टरों को कितना फायदा?
मानदेय में संशोधन के बाद मिलने वाली नई दरों का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:
| डॉक्टरों का वर्ष | पुराना मानदेय | नया मानदेय | मासिक बढ़ोतरी |
| प्रथम वर्ष | ₹54,500 | ₹70,000 | ₹15,500 |
| द्वितीय वर्ष | ₹58,500 | ₹75,000 | ₹16,500 |
| तृतीय वर्ष | ₹63,000 | ₹80,000 | ₹17,000 |
राज्य सरकार के संकल्प संख्या 244(09) के तहत तय इन नई दरों से जूनियर डॉक्टरों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
रिनपास के डीएनबी डॉक्टरों के मानदेय पर भी पहल
रांची के कांके स्थित प्रतिष्ठित संस्थान ‘रिनपास’ में कार्यरत डीएनबी प्रशिक्षणार्थियों के मानदेय पुनरीक्षण के प्रस्ताव पर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है। इसके तहत न्यूनतम मासिक मानदेय दरें इस प्रकार निर्धारित हैं:
- ब्रॉड स्पेशियलिटी डीएनबी: प्रथम वर्ष ₹43,000, द्वितीय वर्ष ₹45,000 और तृतीय वर्ष ₹47,000 प्रतिमाह।
- पोस्ट-डिप्लोमा डीएनबी: प्रथम वर्ष ₹45,000 और द्वितीय वर्ष ₹47,000 प्रतिमाह।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- डॉक्टरों के सम्मान और सुविधाओं में कोई कमी नहीं होगी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य पूरे स्वास्थ्य तंत्र को बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर समाज का अहम हिस्सा हैं और उनके मान-सम्मान व सुविधाओं में किसी प्रकार की कटौती नहीं होने दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के आधार पर संबंधित फाइल को मंजूरी दे दी गई है। सरकार को पूरा विश्वास है कि इस निर्णय से मेडिकल प्रोफेशनल्स का उत्साह बढ़ेगा और राज्य के मरीजों को और अधिक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
