दुमका में झारखंड के पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। 12 अप्रैल 2026 को मीडिया से बातचीत में उन्होंने वोटर लिस्ट और मतदान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
दुमका में राजेश ठाकुर के बयान से राजनीतिक हलचल
झारखंड के पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद के चुनाव प्रभारी राजेश ठाकुर ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वे चुनाव प्रचार के सिलसिले में बंगाल जाते समय दुमका परिसदन में रुके थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
राजेश ठाकुर ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वोटर लिस्ट से नाम काटने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल बना दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को नाम जुड़वाने या सुधार के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दार्जिलिंग में किसी मतदाता का नाम कटने पर उसे 500–600 किलोमीटर दूर जाकर अपनी बात रखनी पड़ती है। उन्होंने इसे वोटरों को मतदान से रोकने की साजिश बताया और कहा कि गलत तरीके से नाम हटाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
भाजपा और ध्रुवीकरण की राजनीति पर आरोप
राजेश ठाकुर ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुस्लिम वोटों के बिखराव की चर्चा एक सुनियोजित एजेंडा है। उन्होंने कहा कि अन्य समुदायों पर इस तरह की चर्चा नहीं की जाती, जो राजनीतिक पक्षपात को दर्शाता है।
बंगाल और केरल की राजनीति पर टिप्पणी
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार का निर्णय जनता करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्रुवीकरण की राजनीति से विकास प्रभावित हुआ है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस बार मजबूत विकल्प बनकर उभरेगी।
असम और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
असम के संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी भाषा राजनीतिक दबाव को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से की गई शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है।
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर बयान
राजेश ठाकुर ने पवन खेड़ा को लेकर कहा कि वे कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और अग्रिम जमानत ले चुके हैं। वहीं मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि कुछ बयानों को गलत तरीके से पेश कर विवाद पैदा किया जाता है।
