नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के ‘पवित्र कार्य’ के लिए देश-विदेश से आए दान और चढ़ावे की चोरी या दुरुपयोग के आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि अब यह मामला FIR (प्राथमिकी) दर्ज होने के स्तर तक पहुंच चुका है।
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर इस कथित “चढ़ावा चोरी कांड” को लेकर सरकार से कई तीखे सवाल पूछे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
🔍 “लखनऊ चुप है और दिल्ली का ड्रोन-दूरबीन गायब”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा:
- सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव: मीडिया और यूट्यूब चैनलों पर हेराफेरी में शामिल लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें चल रही हैं। पहले पुलिस इस पर कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन (Denial) जारी कर देती है।
- नेताओं की चुप्पी: जनता के आक्रोश को देखकर भाजपा नेता असहज हैं और उनके सहयोगी हमेशा की तरह भूमिगत हो गए हैं। लखनऊ (राज्य सरकार) ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है और दिल्ली (केंद्र सरकार) का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहाँ गायब हैं।
- सनातनियों में आशंका: इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और दुनिया भर के सनातन धर्मावलंबियों के बीच चिंता और आशंकाएं और बढ़ गई हैं।
