लातेहार: प्रकृति की हसीन वादियों में बसे लातेहार जिले के महुआडांड़ के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अपने परिवार के साथ राज्य के सबसे ऊंचे जलप्रपात ‘लोध फॉल’ और ‘नेतरहाट’ का दौरा किया। मंत्री के इस दौरे से न केवल स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा गया, बल्कि क्षेत्र में इको-टूरिज्म और रोजगार की नई राहें खुलने की उम्मीद भी जगी है।
डाक बंगला में उमड़ा जनसैलाब, ‘दीपिका दीदी’ के नारों से गूंजा परिसर
महुआडांड़ आगमन पर मंत्री का स्वागत करने के लिए डाक बंगला परिसर में सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, महिला जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और विभिन्न पंचायतों के मुखिया व समिति सदस्यों का हुजूम उमड़ पड़ा। आदिवासी जिला अध्यक्ष अजीत पाल कुजूर और युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष आमिर सुहैल के नेतृत्व में ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर लातेहार डीडीसी सैय्यद अहमद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पारंपरिक आदिवासी नृत्य देख भाव-विभोर हुईं मंत्री
डाक बंगला के बाद मंत्री दीपिका पांडेय सिंह सीधे प्रसिद्ध लोध जलप्रपात पहुंचीं। वहां JSLPS महुआडांड़ की दीदियों ने पारंपरिक वेशभूषा में मादल की थाप पर बेहद मनमोहक आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया। इस आत्मीय स्वागत को देख मंत्री भाव-विभोर हो उठीं। उन्होंने परिवार के साथ 468 फीट की ऊंचाई से गिरती जलधारा और चारों ओर फैली हरी-भरी वादियों का आनंद लिया।
लोध फॉल बनेगा विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल, महिलाओं को मिलेगा रोजगार
लोध फॉल की अद्भुत सुंदरता की सराहना करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा:
“लोध फॉल प्रकृति का एक अनमोल उपहार है। इसमें न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे देश के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। हम इसकी प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखते हुए इसे एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेंगे।”
मंत्री ने JSLPS की स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए हर संभव मदद देगी। उन्होंने अधिकारियों को विकास योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
