रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर चल रहे राज्यव्यापी आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रविवार को आंदोलनकारी छात्र प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के बाद सरकार ने तीन प्रमुख परीक्षाओं को रद्द करने का प्रस्ताव सामने रखा है।
16वें दिन बातचीत में निकला हल का रास्ता
परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्र पिछले 16 दिनों से सड़कों पर हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं, जिनकी बिगड़ती तबीयत ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया। पिछले दो दिनों से सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बैठकों का दौर जारी था। आखिरकार रविवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सहमति बनती नजर आई।
इन परीक्षाओं को रद्द करने का प्रस्ताव
सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने जिन तीन परीक्षाओं को रद्द करने का प्रस्ताव दिया है, उनमें:
- वर्ष 2023 की सिविल सेवा परीक्षा
- वर्ष 2025 की सिविल सेवा परीक्षा
- 14वीं JPSC की प्रारंभिक (PT) परीक्षा शामिल हैं।
TDPL एजेंसी से कराई गई परीक्षाओं की होगी जांच
बैठक में परीक्षाओं के संचालन में शामिल आउटसोर्स एजेंसी (TDPL) की भूमिका और उसकी ओर से आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने पर भी जोर दिया गया है।
JPSC और JSSC में सुधार की बड़ी तैयारी
आंदोलन के बाद राज्य सरकार JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में आमूलचूल बदलाव और कड़े परीक्षा सुधार लागू करने की योजना बना रही है। सरकार का कहना है कि छात्रों के सुझावों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में मेधावी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न हो सके।
